Tuesday, 1 October 2019

Human Heart: Anatomy, Function and Facts - ssc campus

Human Heart (मानव हृदय) कैसे कार्य करता है (structure of heart)

Heart हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है। यह दोनों lungs के बीच में  स्थित होता है। heart का आकार मुट्ठी के समान है। इसका वजन व्यस्क पुरुषो में लगभग 250 से 350 ग्राम तथा व्यस्क महिलाओ में 200  से 275 ग्राम के बीच होता है ।



हृदय की संरचना(Structure of Heart) –

                        Heart के wall  तीन layer से मिल कर बना होता है

                                           1. Pericardium

                                           2. Myocardium

                                           3. Endocardium

Pericardium :- heart चारों ओर से एक membrane द्वारा लिपटा रहता है। इस membrane को 'पेरीकार्डियम' कहते हैं।
Myocardium :- मायोकार्डियम heart की दीवार की मांसपेशियों की middle layer है।

Endocardium :- एंडोकार्डियम tissue की inner layer है जो heart के chambers को रेखाबद्ध करती है एंडोकार्डियम, valves तथा heart chamber को भी सुरक्षा देता करता है।

Heart contineous सिकुड़ता और फैलता रहता है। इस activity को करके यह शरीर के सभी हिस्सों में blood vessels द्वारा blood भेजता रहता है।

इस Heart रूपी पम्प के दो भाग हैं - एक Right और दूसरा left

ये दोनों भाग muscles के परदे द्वारा एक-दूसरे से अलग रहते हैं। इस परदे को 'सेप्टम' कहते हैं। इसके कारण left भाग से blood, न तो right भाग में जा सकता है और न ही right भाग से left भाग में आ सकता है।

सारे शरीर का अशुद्ध blood, veins द्वारा right part में पहुंचता है और यहीं से, lungs में आता है। left part, lungs से शुद्ध blood को लेकर पूरे शरीर में पंहुचा देता है।

Heart का पूरा inner part 4 chamber में divide होता हैं। 2 ऊपर के chamber तथा 2 निचे के chamber | ऊपर के भाग को, जो Blood लेता है, आलिंद या 'एट्रियम(Atrium)' कहते हैं और नीचे के पम्प करने वाले भाग को निलय या 'वेन्ट्रिकल(Ventricle)' कहते हैं। इस तरह heart में दो एट्रियम और दो वेन्ट्रिकल होते हैं।

एट्रियम को blood-पम्प सम्बन्धी बहुत कम कार्य करना पड़ता है, इसलिए इसकी muscle पतली होती हैं। वेन्ट्रिकल की muscle मोटी और मजबूत होती हैं, क्योंकि यह blood को अधिक pressure से पम्प करता है।

जो Blood vessels शरीर का कार्बन-डाईऑक्साइड युक्त Blood वापस heart में लाती हैं, उन्हें ‘vains' कहते हैं। ये काम दो vains करती हैं, जिन्हें ऊपर की 'सुपीरियर वेना कावा' तथा निचे की  'इन्फीरियर वेना कावा' कहते हैं।

ये veins शरीर के ऊपर और नीचे के भागों में से blood को heart तक पहुंचाती हैंमतलब पुरे शारीर में घूमकर लौटा हुआ अशुद्ध blood (oxygen सहित) वापस आकर heart के Right एट्रियम में ही जमा होता है।

जब right एट्रियम blood से भर जाता है, तो इसमें सिकुड़न होती है। इसके बाद blood ट्राइकसपिड वाल्व द्वारा right वेन्ट्रिकल में जाता है उसके बाद Pulmonary artery से होते हुए right तथा left,lungs में चला जाता है।

lungs में ही, blood का शुद्धीकरण होता है मतलब उसमें से कार्बन-डाईऑक्साइड निकल जाती है और ऑक्सीजन घुल जाती है। lungs में शुद्ध हुआ blood अब चार पल्मोनरी वेन्स द्वारा heart के left एट्रियम में पहुंच जाता है।

Left एट्रियम के सिकुड़ने पर सारा blood माइट्रल वाल्व द्वारा heart के left वेन्ट्रिकल में चला जाता है। जब left वेन्ट्रिकल सिकुड़ता है, तो blood Aorta में और इससे निकलने वाली Sub-branches द्वारा शरीर के प्रत्येक हिस्से में पहुंचता है। blood circulation का यह क्रम जीवनभर चलता रहता है। बिना रुके बिना थके |

Heart के valves
Blood flow की direction को ठीक रखने के लिए heart के दोनों ओर दो valves होते हैं। एक-एक  वाल्व एट्रियम और वेन्ट्रिकल के बीच में होता है।

तीन मुंह वाला यह वाल्व या ट्राइकसपिड वाल्व जो right side में होता हो , तथा माइट्रल वाल्व जो left side में  होता है तथा दूसरा एक-एक वेन्ट्रिकल और arteries के बीच होता है। जिसमे पहला पल्मोनरी वाल्व जो right side में तथा दूसरा एओर्टिक वाल्व left side में होता है।

Heart का कार्य (Function of heart) - 

Heart एक आश्चर्यजनक पम्प है। यह Lungs से आए शुद्ध blood को शरीर के प्रत्येक भाग में पहुंचाता है और वहां से आए अशुद्ध Blood को शुद्ध करने के लिए lungs में भेजता है। इस प्रकार heart शरीर में blood circulation निरंतर बनाए रखता है।

इसके अतिरिक्त हृदय का कार्य-

Example :- Blood पम्पिंग समय को control करना, Motion को regular बनाये रखना,Heart के विभिन्न भागों में तालमेल बनाए रखना भी होता है। इसी तालमेल से muscles सही ढंग से फैलती और सिकुड़ती हैं।

Heart द्वारा blood flow नियमित wave के रूप में होता है, जिससे नाड़ी में धड़कन पैदा होता है। heart के सिकुड़ने के समय एओर्टिक वाल्व और पल्मोनरी वाल्व खुलते हैं तथा blood, artery में चला जाता है।

उस समय माइट्रल वाल्व और ट्राइकसपिड वाल्व बन्द हो जाते हैं, ताकि arteries में गया blood वापस एट्रियमों में न आने पाए। सिकुड़ने की इस क्रिया से धमनियों में blood का pressure अधिकतम हो जाता है। इस pressure को 'सिस्टोलिक pressure' कहते हैं।

जब heart की मांसपेशियां शिथिल होती हैं, तो एओर्टिक वाल्व और पल्मोनरी वाल्व बन्द हो जाते हैं। इस समय arteries का pressure न्यूनतम हो जाता है। इसको 'डायस्टोल' तथा pressure को 'डायस्टोलिक' कहते हैं।

Fact about Heart


1. सामान्य रूप से एक नौजवान पुरुष का heart एक मिनट में 72 बार धड़कता है। प्रत्येक धड़कन में heart लगभग 70 मि.ली. blood पम्प करता है। इस प्रकार 72 धड़कनों में heart 5 लीटर blood पम्प करता है।

हमारे शरीर में कुल blood की मात्रा 5-6 लीटर होती है। लेकिन 24 घंटे में हमारा heart 7-8 हजार लीटर blood पम्प करता है।

2. आपका दिल शरीर के अलग होने के बाद भी तब तक धड़कता रहता है जब तक इसे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहे क्योंकि इसका खुदका इलेक्ट्रिक इंपल्स होता है।

3. जन्म लिए हुए बच्चों की दिल की धड़कन (70-160 beat/minute) सबसे तेज होती है और बुढ़ापे में दिल की धड़कन (30-40 beat/minute) सबसे स्लो होती है ।

4. चार हफ्ते की प्रेगनेंसी के बाद बच्ची का दिल धड़कना शुरू हो जाता है यदि हमारा heart शरीर से बाहर खून पंप करें तो यह खून को 30 फीट ऊपर उछाल सकता है ।













https://www.youtube.com/watch?v=W_QOF_g2M-c&t=29s
Human Heart





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